दीप्ति शर्मा ने ICC महिला T20I बॉलिंग रैंकिंग में बनाई नई छांव, मंडाना गिरें दूसरी पाई

दीप्ति शर्मा ने ICC महिला T20I बॉलिंग रैंकिंग में बनाई नई छांव, मंडाना गिरें दूसरी पाई

Anmol Shrestha अक्तूबर 6 2025 8

जब दीप्ति शर्मा, ऑलराउंडर इंडिया वुमेन्स क्रिकेट टीम ने ICC महिला T20I बॉलिंग रैंकिंग में दूसरा स्थान हासिल किया, तो भारत के क्रिकेट प्रेमियों के दिल पर ठाठ बसा गया। यह चौंका देने वाला कदम सिर्फ़ चार रैंकिंग प्वाइंट्स की दूरी पर ऑस्ट्रेलिया की ऐनाबेल सारसंडर के बाद आया, जिसने 736 अंक के साथ शीर्ष पर कब्ज़ा रखा।

रैंकिंग में बदलाव का संदर्भ

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 28 अगस्त 2025 को अपने नवीनतम रैंकिंग अपडेट जारी किए। इन आंकड़ों के अनुसार, दीप्ति का वर्तमान औसत 732 है, जो साधिया इक़बाल (सादिया इक़बाल, पाकिस्तान) के साथ बराबर है। वहीं इंग्लैंड की सोफी इक्लेस्टोन चौथे स्थान पर 727 प्वाइंट्स के साथ मौजूद है।

दीप्ति शर्मा का करियर‑सफ़र

28 साल की दीप्ति, जिसका जन्म 24 अगस्त 1997 को हुआ, बाएँ हाथ की बैट्समन और ऑफ‑स्पिन बॉलर दोनों रूप में मंच पर चमकी हैं। उनका करियर‑बेस्ट रेटिंग 759 प्वाइंट्स डम्बुल्ला (श्रीलंका) में बांग्लादेश के खिलाफ 2024 में मिली थी। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने बंगाल टीम के लिए 2017‑18 सीजन में 312 रन बना कर औसत 104 (सिक्स मैच) और स्ट्राइक‑रेट 65.13 के साथ शीर्ष स्कोरर का खिताब जीता। उस सीजन में उन्होंने 3/26 के बेहतरीन बोएलिंग भी दिखायी।

  • 2018‑19 में बांगाल में 313 रन, 2 शतक, 1 अर्द्ध‑शतक, हाई‑स्कोर 106* (बारोडा के खिलाफ)
  • वही सीजन में 13 विकेट, बेहतरीन 4/12 (केरल के खिलाफ)
  • इंटरनेशनल डेब्यू के बाद लगातार 2022‑2024 में प्रमुख टूर्नाइयों में 15+ विकेट

अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन

दीप्ति ने 2018 के ICC महिला वर्ल्ड T20 में भारत की टीम में जगह बनाई। इससे भारत अर्ध‑फाइनल में इंग्लैंड से पराजित हुआ, लेकिन दीप्ति ने आयरलैंड के खिलाफ 2/15 की शानदार बोएलिंग की। मार्च 2025 में वह ICC महिला ऑलराउंडर रैंकिंग में पाँचवें स्थान पर थीं, जो उनके बहुमुखी कौशल को दर्शाता है।

अन्य प्रमुख रैंकिंग अपडेट

अन्य प्रमुख रैंकिंग अपडेट

बॉलिंग रैंकिंग के साथ ही भारत की खुली बल्लेबाज़ी की स्टार स्मृति मंडाना ने अपनी बैटिंग रैंकिंग में थोड़ा गिरकर दूसरे स्थान पर आ गईं। यह बदलाव दोनो रैंकिंग के बीच शैलीगत तनाव को उजागर करता है—जहाँ विमानों के साथ बॉलिंग में उछाल आया है, वहीं बैटिंग में स्थिरता की मांग बढ़ रही है।

खेल जगत की प्रतिक्रियाएँ

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के महिला क्रिकेट उपाध्यक्ष सूनिल सिंगह ने कहा, “दीप्ति का यह उछाल हमारे महिला क्रिकेट की निरंतर प्रगति का प्रमाण है। उनका लगातार दबाव बनाना विरोधियों के लिए कठिन बना रहा है, और यह रैंकिंग में परिलक्षित हो रहा है।” वहीं, ऑस्ट्रेलिया की बोउलर ऐनाबेल को सामाजिक मीडिया पर “बाजियों के बीच आगे बढ़ने वाले बॉलर्स में से एक” कहा गया।

भविष्य की संभावनाएँ और चुनौतियाँ

भविष्य की संभावनाएँ और चुनौतियाँ

आगे देखते हुए, अगले महीने शानडिया कप में भारत-ऑस्ट्रेलिया की टक्कर में दीप्ति के प्रदर्शन पर सभी की नज़रें टिकी होंगी। यदि वह इस फॉर्म को बरकरार रखती हैं, तो शीर्ष स्थान ‘सुरक्षित’ हो सकता है। लेकिन एक बात साफ़ है—रैंकिंग में थोड़े‑से अंक की भी कमी तेज़ी से बदल सकती है, इसलिए निरंतर मेहनत और फिटनेस ही असली कारक होगी।

मुख्य तथ्य

  • दीप्ति शर्मा – 732 अंक, दूसरा स्थान
  • ऐनाबेल सारसंडर – 736 अंक, पहला स्थान
  • सादिया इक़बाल – 732 अंक, दूसरा स्थान (समान)
  • सोफी इक्लेस्टोन – 727 अंक, चौथा स्थान
  • स्मृति मंडाना – बैटिंग रैंकिंग में दूसरा स्थान

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दीप्ति शर्मा की इस रैंकिंग प्रगति का मुख्य कारण क्या माना जा रहा है?

विशेषकर पिछले दो वर्षों में भारतीय टीम के खिलाफ दीप्ति की लगातार 2‑3 विकेट लेने की क्षमता, कमर तोड़ने वाली लाइन और लम्बी अवधि तक दबाव बनाये रखने की रणनीति को इस उछाल का मुख्य कारण बताया जा रहा है।

क्या यह रैंकिंग बदलाव भारतीय महिला टीम के भविष्य के टूर को प्रभावित करेगा?

हाँ, यह बदलाव चयनकों को अधिक भरोसा देगा कि बॉलिंग में दीप्ति को प्रमुख भूमिका दें, जिससे आगामी शानडिया कप और विश्व कप में टीम की रणनीति में बदलाव देखे जा सकते हैं।

स्मृति मंडाना की रैंकिंग गिरावट का कारण क्या बताया गया है?

हाल के कुछ सीरीज़ में उनके स्ट्राइक‑रेट में कमी और किनारे पर आउट होने की दर बढ़ने के कारण मंडाना की बैटिंग रैंकिंग में हल्की गिरावट आई है।

इंडिया वुमेन्स के बॉलिंग कोन में किन खिलाड़ियों को समर्थन मिलेगा?

दीप्ति के साथ, युवा स्पिनर झुलन गॉस्पे और फास्ट बॉलर समय मान को भी अधिक मौकों की उम्मीद है, क्योंकि टीम एक संतुलित बॉलिंग अटैक बनाना चाहती है।

अगले बड़े टूर्नामेंट में कौन सी टीमें दीप्ति के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी रहेंगी?

ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की ऑलराउंडर्स, विशेषकर एड्लिन बर्नेट और हेनरी मैक्लछली, दीप्ति के लिए सबसे कठिन चुनौती पेश करेंगे, क्योंकि वे भी स्पिन और पेस दोनों में निपुण हैं।

8 टिप्पणि

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    Raj Bajoria

    अक्तूबर 6, 2025 AT 03:33

    दीप्ति की बॉलिंग में अब असली ताकत दिख रही है.

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    Soundarya Kumar

    अक्तूबर 17, 2025 AT 17:20

    वास्तव में, उसका ऑफ‑स्पिन लाइन और लंबी डिलीवरी अभी टीम को दबी हुई पकड़ से बाहर ले आई है।
    वह लगातार दो‑तीन विकेट लेती रहती है, जिससे विरोधी टीमों को असहज महसूस होता है।
    उसका मनोबल भी बढ़ गया है और वह मैच की अहम पलों में दबाव संभाल लेती है।

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    Rajesh Soni

    अक्तूबर 29, 2025 AT 06:07

    ICC रैंकिंग में छोटी‑छोटी प्वाइंट्स की लड़ाई असल में बॉलिंग मेट्रिक्स की डाटा‑ड्रिवन एनोमैली है; दीप्ति का इफ़ेक्टिव एवीरेज स्पिन रेट 0.78 और इकॉनॉमिक रेट 3.2 एक चुपके में टॉप‑टू‑पॉइंट बना दिया है।
    इसे देखते‑देखते संख्याएँ खुद ही कहती हैं कि कौन असली स्ट्राइक‑एज है।

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    Nanda Dyah

    नवंबर 9, 2025 AT 19:53

    उपर्युक्त विश्लेषण में उल्लेखित आंकड़े सत्यापित करने हेतु आधिकारिक ICC डेटाबेस से प्रत्यक्ष निर्यात करना आवश्यक है, क्योंकि त्रुटिपूर्ण डेटा प्रस्तुति से निष्कर्ष अनुचित हो सकते हैं।

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    vikas duhun

    नवंबर 21, 2025 AT 09:40

    यह जीत केवल एक व्यक्तिगत अंक नहीं, बल्कि भारतीय महिलाओं के क्रिकेट में अंतर्लीन संघर्ष का प्रतीक है।
    दीप्ति ने अपने छोटे‑छोटे सत्रों में असंख्य रातें बॉलिंग रूटीन में बिताई हैं, जो अक्सर अनदेखी रह जाती हैं।
    वह मैदान पर जब कदम रखती है, तो दर्शकों की सांसें ठहरी होती हैं, क्योंकि सबको पता होता है कि वह एक जॉण्डर डिलीवरी के साथ क्या कर सकती है।
    वास्तव में, उसकी लाइन और लेंथ का संयोजन आज के पेसर‑स्पिनर मिश्रण को नया आयाम देता है।
    जब वह गेंद को क्रीज़ के किनारे पर फेंकती है, तो नेट्स पर ध्वनि एक गहरी थीम की तरह गूंजती है।
    इसके अलावा, उसके प्रशिक्षण के दौरान वज़न‑लिफ्टिंग और योग के मिश्रण ने उसे शारीरिक और मनोवैज्ञानिक दोनों पहलुओं में सुदृढ़ बनाया है।
    इस प्रकार की तैयारी से वह लगातार दो‑तीन विकेट लेती है, जिससे टीम की बॉलिंग डिप्थ मजबूत होती है।
    हालांकि रैंकिंग को देखना महत्वपूर्ण है, परंतु उसके भविष्य की संभावनाएँ इससे भी अधिक चमकदार हैं।
    आगामी शानडिया कप में यदि वह इस फॉर्म को बरकरार रखती हैं, तो शीर्ष स्थान की लड़ाई में वह स्पष्ट लाभी होगी।
    साथ ही, युवा स्पिनर्स को भी उसकी तकनीक से सीखने का बड़ा अवसर मिलेगा।
    बोर्ड द्वारा दी गई मान्यता ने निस्संदेह उसकी आत्मविश्वास को नई ऊँचाईयों पर पहुँचा दिया है।
    यह सम्मान न केवल उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि को दर्शाता है, बल्कि समग्र महिला क्रिकेट की प्रगति को भी संकेत देता है।
    आगे की चुनौतियों में, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की बहुमुखी ऑलराउंडर्स का सामना करना होगा, जो अत्यधिक प्रतिस्पर्धी है।
    तथापि, निरंतर मेहनत, फिटनेस और रणनीतिक अद्यतन के साथ वह इन बाधाओं को भी पार कर सकती हैं।
    अंत में, यह कहना सही होगा कि दीप्ति का रैंकिंग में उछाल भारतीय महिला क्रिकेट की नई सुबह का संदेश है।

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    Sagar Singh

    दिसंबर 2, 2025 AT 23:27

    उफ़ कितना जलवा है, दिल धड़कता है.

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    aishwarya singh

    दिसंबर 14, 2025 AT 13:13

    मेरा मानना है, इस रैंकिंग बदलाव से टीम की बॉलिंग रणनीति में नई संभावनाएँ खुलेंगी।
    दीप्ति की तरह ही झुलन गॉस्पे और नई स्पिनर्स को भी ज्यादा अवसर मिल सकते हैं।
    साथ ही, बैटिंग में मंडाना की कमी को पूर करने के लिये हम सभी को एक संतुलित प्ले‑बैलेंस बनाना पड़ेगा।

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    Ajay Kumar

    दिसंबर 26, 2025 AT 03:00

    हअकीकत मैं तो ऐरनबेल कोन द बेस्ट बोलर बट दीप्ति स्वीटर है😂. दोस्ट, इथे के बिन...

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