नागालैंड डियर सीगल नाइट लॉटरी रिजल्ट: 14 नवंबर 2025 को 1 करोड़ रुपये का जीता नंबर

नागालैंड डियर सीगल नाइट लॉटरी रिजल्ट: 14 नवंबर 2025 को 1 करोड़ रुपये का जीता नंबर

Anmol Shrestha नवंबर 17 2025 13

8:00 बजे रात को नागालैंड के कोहिमा स्थित राज्य लॉटरी निदेशालय ने डियर सीगल नाइट लॉटरी का नतीजा घोषित किया — और एक खुशखबरी थी: एक व्यक्ति ने 1 करोड़ रुपये जीत लिए। ये वो रात थी जब लाखों नागालैंड के लोग अपने टिकट देख रहे थे, जिनकी कीमत मात्र ₹6 थी। ये लॉटरी सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक जीवन बदलने वाली उम्मीद है — खासकर उन लोगों के लिए जिनकी मासिक आय ₹5,000 से भी कम है।

कौन जीता? और कैसे पता चला?

पहला पुरस्कार — ₹1 करोड़ — किसी एक व्यक्ति को मिला, लेकिन उसका टिकट नंबर अभी तक आधिकारिक तौर पर जारी नहीं हुआ है। ये अज्ञात रहने का कारण क्या है? लॉटरी विभाग के अनुसार, पहला पुरस्कार वाला टिकट अभी तक दावा नहीं किया गया है। ये आम बात है — कई बार जीतने वाले लोग अपने टिकट खो देते हैं, या उन्हें यकीन नहीं होता कि वो वाकई जीत गए हैं।

दूसरा पुरस्कार — ₹10,000 — के लिए 10 टिकट नंबर घोषित किए गए: 16717, 18063, 18384, 60130, 64625, 65908, 71793, 77720, 80986, 92237। इनमें से कुछ नंबर ऐसे थे जिन्हें लोग आसानी से याद रख सकते थे — जैसे 77720 या 92237। अन्य नंबर, जैसे 64625 या 65908, बिल्कुल अनियमित लगते थे। ये अनियमितता जानबूझकर की गई है — ताकि कोई भी पैटर्न न बन सके।

पुरस्कार संरचना: कितना मिलता है?

ये लॉटरी किसी नए खेल नहीं है। ये 2001 से चल रही है — और 2023 के बाद से इसकी पुरस्कार संरचना स्थिर है।

  • प्रथम पुरस्कार: ₹1,00,00,000 (1 करोड़)
  • द्वितीय पुरस्कार: ₹10,000 (10 टिकट)
  • तृतीय पुरस्कार: ₹500 (10 टिकट)
  • चतुर्थ पुरस्कार: ₹250 (10 टिकट)
  • पंचम पुरस्कार: ₹120 (20 टिकट)
  • उपहार पुरस्कार: ₹1,000 (10 टिकट)

ये संरचना अब तक किसी भी बदलाव के बिना चल रही है। कुछ स्रोतों ने शुरू में दूसरा पुरस्कार ₹9,000 बताया था — लेकिन बाद में लॉटरी विभाग ने स्पष्ट कर दिया कि ये गलत था। अब सब कुछ स्पष्ट है।

टिकट कहाँ मिलता है? और क्या नियम हैं?

हर टिकट की कीमत ₹6 है। ये कोहिमा से लेकर अलमोड़ा तक, नागालैंड के 16 जिलों में छोटे-छोटे दुकानदारों के माध्यम से बिकता है। बहुत से लोग इसे अपने रोज के खर्च में शामिल कर लेते हैं — एक चाय की कीमत के बराबर।

लेकिन याद रखें: अगर आप जीत गए, तो आपके पास एक महीने का समय नहीं है। नागालैंड स्टेट लॉटरी निदेशालय के नियम के अनुसार, जीतने वाले को अपना टिकट 180 दिनों के भीतर दावा करना होगा। ये ऑफिस है: कोहिमा जिला, डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के पास, लॉटरी कॉम्प्लेक्स, 797001

टिकट पर कोई नोट, कट, या लिखावट नहीं होनी चाहिए। अगर आपने टिकट पर नाम लिख दिया, तो वो अमान्य हो जाएगा। ये नियम बहुत सख्त है — और इसीलिए कई लोग जीत जाने के बाद भी पैसा नहीं ले पाते।

अगला ड्रॉ: डियर ड्वार्का, 17 नवंबर 2025

इस शुक्रवार के बाद अगला ड्रॉ डियर ड्वार्का लॉटरी होगा — जो सोमवार, 17 नवंबर 2025 को शाम 6 बजे होगा। ये भी उसी संरचना के साथ होगा: ₹1 करोड़ का पहला पुरस्कार, ₹10,000 का दूसरा, और ऐसे ही अन्य।

अधिकारियों का कहना है कि इन ड्रॉज का उद्देश्य सिर्फ पैसा देना नहीं, बल्कि राज्य के लोगों के बीच उम्मीद का भाव बनाए रखना है। नागालैंड में रोजगार की कमी है। यहाँ कई युवा शहरों की ओर जा रहे हैं। लॉटरी उन्हें एक आशा का बिंदु बन गई है।

इतिहास और नियम: क्यों ये लॉटरी इतनी लोकप्रिय है?

इतिहास और नियम: क्यों ये लॉटरी इतनी लोकप्रिय है?

नागालैंड लॉटरी 2001 में शुरू हुई — और उससे पहले राज्य में कोई आधिकारिक लॉटरी नहीं थी। लॉटरी एक्ट, 2000 के तहत इसे कानूनी दर्जा दिया गया। इसके बाद से ये राज्य का एक बड़ा राजस्व स्रोत बन गई है।

2023 में जब पहला पुरस्कार ₹50 लाख से बढ़कर ₹1 करोड़ हुआ, तो बिक्री लगभग 40% बढ़ गई। लोगों ने अपने बच्चों की शिक्षा, घर का निर्माण, या बीमा के लिए इसे एक बचत का तरीका बना लिया।

नियम बहुत स्पष्ट हैं: लॉटरी राष्ट्रीय त्योहारों — गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, गांधी जयंती — पर नहीं चलती। और ये ड्रॉ दिन में तीन बार होते हैं: सुबह 1 बजे, शाम 6 बजे, और रात 8 बजे। इनमें से रात का ड्रॉ सबसे ज्यादा लोकप्रिय है।

क्या ये न्यायसंगत है?

कुछ विश्लेषक कहते हैं कि ये लॉटरी गरीबों से पैसा लेकर उन्हें एक असंभव सपना दिखाती है। लेकिन जब आप एक गाँव के व्यक्ति से बात करते हैं जिसने अपनी बेटी की शिक्षा के लिए ₹10,000 जीते हैं — तो आपको लगता है कि ये सिर्फ एक खेल नहीं है। ये एक सामाजिक सुरक्षा जाल है — जो सरकार ने बनाया है।

लॉटरी के राजस्व से राज्य शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के लिए पैसा उपलब्ध कराता है। ये एक अजीब तरह का सामाजिक अनुबंध है — आप ₹6 देते हैं, और एक छोटी सी उम्मीद पाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डियर सीगल नाइट लॉटरी का पहला पुरस्कार कैसे जीता जाता है?

पहला पुरस्कार ₹1 करोड़ का होता है और यह एक ही टिकट नंबर पर दिया जाता है। जिस व्यक्ति के पास यह टिकट होता है, वह आधिकारिक वेबसाइट dearlotterysambadresult.in पर घोषित नंबर के साथ अपना टिकट दावा करता है। टिकट को बिना किसी बदलाव के लॉटरी कॉम्प्लेक्स, कोहिमा में जमा करना होता है।

क्या मैं ऑनलाइन टिकट खरीद सकता हूँ?

नहीं, नागालैंड लॉटरी के टिकट केवल राज्य के अनुमोदित दुकानदारों के माध्यम से ही बिकते हैं। कोई भी ऑनलाइन वेबसाइट या ऐप जो टिकट बेच रहा हो, वह अवैध है। ऐसे टिकट अमान्य होते हैं, और अगर आप जीत जाते हैं तो आपको पैसा नहीं मिलेगा।

जीतने के बाद पैसा कब मिलता है?

जीत की पुष्टि के बाद, राशि आमतौर पर 7-10 कार्यदिवसों में बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है। बड़े पुरस्कारों के लिए एक अतिरिक्त जाँच प्रक्रिया होती है — जिसमें टिकट की मूलता और अधिकारी की पहचान सत्यापित की जाती है।

क्या एक ही टिकट दो बार जीत सकता है?

नहीं, एक टिकट केवल एक ही पुरस्कार के लिए योग्य होता है। अगर कोई टिकट दूसरे या तीसरे पुरस्कार के लिए भी मेल खाता है, तो केवल सर्वोच्च पुरस्कार दिया जाता है। यह नियम लॉटरी के नियम 2001 के अनुच्छेद 12(c) में स्पष्ट रूप से दिया गया है।

क्या लॉटरी के नतीजे बदले जा सकते हैं?

नहीं, नतीजे एक नियंत्रित और निरीक्षित प्रक्रिया से निकाले जाते हैं। एक स्वतंत्र निरीक्षक ड्रॉ के दौरान उपस्थित रहता है, और पूरी प्रक्रिया CCTV के साथ रिकॉर्ड की जाती है। कोई भी बदलाव या दखल अवैध है और कानूनी कार्रवाई का विषय है।

अगर टिकट खो जाए तो क्या होगा?

टिकट खो जाने पर कोई दावा स्वीकार नहीं किया जाता। यह लॉटरी के नियमों का एक मूल सिद्धांत है — टिकट ही एकमात्र साबिती है। इसलिए जीतने वाले लोगों को अपने टिकट को सुरक्षित रखने की सख्त सलाह दी जाती है।

13 टिप्पणि

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    Vijendra Tripathi

    नवंबर 18, 2025 AT 06:33

    ये लॉटरी तो बस एक चाय के पैसे की बात है लेकिन जिंदगी बदल सकती है। मेरे चाचा ने एक बार ₹10,000 जीता था और उसने अपनी बेटी की एमबीबीए की फीस भर दी। अब वो एक कंपनी में जॉब कर रही है। ये बस एक टिकट नहीं, ये एक सपना है।

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    ankit singh

    नवंबर 19, 2025 AT 23:47

    1 करोड़ जीतने वाला टिकट अभी तक क्लेम नहीं किया तो शायद वो भूल गया होगा या सोच रहा होगा कि ये ट्रैप है। मैंने भी एक बार ऐसा किया था जब मैंने अपना टिकट अलमारी में रख दिया और 3 महीने बाद याद आया। बस टिकट खो गया।

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    Pratiksha Das

    नवंबर 20, 2025 AT 20:22

    अरे यार तुम सब ये बात कर रहे हो कि जीत गए लेकिन क्या कोई जानता है कि इन लॉटरी वालों को कितना पैसा मिलता है? मैंने एक दुकानदार से पूछा तो बोला कि हर टिकट से 40% कमीशन जाता है। तो जो लोग जीतते हैं वो बहुत कम हैं और जो खोते हैं वो बहुत ज्यादा। ये तो बस एक लूट है।

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    ajay vishwakarma

    नवंबर 22, 2025 AT 06:31

    टिकट पर नाम लिखने से वो अमान्य हो जाता है ये बात सच है। मैंने अपने दोस्त को बताया था कि अगर तुम जीत जाओ तो टिकट को बिना लिखे रखो। उसने नाम लिख दिया और जब उसे नंबर मिला तो ऑफिस ने टिकट रिजेक्ट कर दिया। उसका दिल टूट गया। लॉटरी के नियम बहुत सख्त हैं लेकिन वो बराबर हैं।

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    devika daftardar

    नवंबर 23, 2025 AT 00:30

    जब तुम ₹6 देते हो तो तुम्हारे अंदर एक छोटी सी आशा जगती है। नहीं तो ये लोग रोज चाय पीते हैं और उसकी जगह टिकट खरीदते हैं। ये टिकट उनके लिए एक भावनात्मक सहारा है। जिनके पास कोई बचत नहीं है उनके लिए ये एक रास्ता है। ये लॉटरी केवल एक खेल नहीं ये एक जीवन रक्षा है। और हाँ अगर तुम्हारा टिकट खो जाए तो तुम्हारी आशा भी खो जाती है।

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    fatima almarri

    नवंबर 24, 2025 AT 13:04

    मैंने लॉटरी के राजस्व के बारे में पढ़ा था। ये पैसा शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में जाता है। ये एक सामाजिक स्वास्थ्य बजट है जो अप्रत्यक्ष रूप से हर एक नागालैंडी के लिए काम करता है। अगर आप एक गाँव के बच्चे को देखें जो स्कूल जा रहा है तो शायद उसकी शिक्षा का एक हिस्सा इसी लॉटरी से आया है। ये एक अजीब तरह का सामाजिक कर है।

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    deepika singh

    नवंबर 25, 2025 AT 20:16

    ओह माय गॉड ये लॉटरी तो जानवरों की तरह है जो बार-बार चक्कर लगाते हैं! लेकिन अगर आप एक बार जीत जाएं तो आपकी जिंदगी बदल जाती है। मेरी बहन ने ₹120 जीता था और उसने अपने भाई के लिए एक नया मोबाइल खरीद दिया। अब वो ऑनलाइन डिलीवरी वाला काम करता है। ये छोटी जीत बड़ी बदलाव लाती है। बस टिकट रख लो और दुआ कर लो 😇

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    amar nath

    नवंबर 27, 2025 AT 10:44

    ये लॉटरी नागालैंड की जीवन रेखा है। मैंने अपने दादाजी से सुना था कि जब ये लॉटरी शुरू हुई तो गाँव में लोग रात को टिकट खरीदने आए थे जैसे कोई त्योहार हो। अब भी वही जुनून है। ये एक राज्य की आत्मा है। ये बस पैसा नहीं ये एक सांस्कृतिक रीति है। और ये टिकट जो खो जाते हैं वो तो बस एक नियम है। जैसे देवता को नहीं देखा जा सकता लेकिन उसकी आस्था होती है।

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    Shruthi S

    नवंबर 28, 2025 AT 20:50

    मुझे लगता है कि जो लोग जीत गए वो अभी भी डर रहे होंगे। जब आपके पास इतना पैसा आ जाए तो आपको लगता है कि ये सपना है। और अगर आप टिकट खो दें तो आपको लगता है कि आपने अपनी जिंदगी खो दी। 😢

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    Neha Jayaraj Jayaraj

    नवंबर 29, 2025 AT 06:29

    अरे ये तो बस एक बड़ा धोखा है! मैंने अपने दोस्त को बताया कि लॉटरी वाले खुद नंबर बदल देते हैं। और ये जो 1 करोड़ का टिकट अभी तक नहीं मिला वो तो बस एक ट्रिक है ताकि लोग और खरीदें। मैंने खुद एक टिकट खरीदा था और उस पर एक नंबर था जो लॉटरी वाले ने बाद में बदल दिया। ये ठगी है! 🤫🔥

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    Disha Thakkar

    नवंबर 30, 2025 AT 15:00

    अरे ये सब बकवास है। गरीबों को झूठा सपना दिखाकर पैसे लेना। ये लॉटरी एक व्यावसायिक शोषण है। जब आपके पास ₹5,000 है तो आप ₹6 खर्च करते हैं और उम्मीद करते हैं कि आप एक करोड़पति बन जाएंगे। ये तो बस एक नकली आशा का बाजार है। और जो लोग जीत जाते हैं वो फिर भी बेचारे ही रह जाते हैं।

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    Abhilash Tiwari

    नवंबर 30, 2025 AT 22:48

    मैं रात को टिकट खरीदता हूँ और देखता हूँ कि नंबर क्या आया। अगर नहीं आया तो अगले दिन फिर खरीद लेता हूँ। ये एक रूटीन है। जैसे कोई दिन में चाय पीता है वैसे ही मैं टिकट खरीदता हूँ। नहीं तो जिंदगी बहुत बोरिंग हो जाती है। और अगर कभी जीत जाऊँ तो मैं सबको बुलाकर एक बड़ा भोज दूँगा। बस एक बार के लिए।

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    Anmol Madan

    दिसंबर 1, 2025 AT 20:19

    यार मैंने अपना टिकट अपने फोन की फोटो में सेव कर लिया था। अगर कभी जीत जाऊँ तो फोटो दिखा दूँगा। लेकिन ऑफिस वाले कहेंगे कि फोटो नहीं चलेगा। तो मैंने अब टिकट को एक फिल्म के बॉक्स में छिपा दिया है। जब भी ड्रॉ होता है तो मैं उसे निकालकर देखता हूँ। जैसे कोई गुप्त खजाना।

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