रामोजी फिल्म सिटी के संस्थापक और मीडिया मोगल रामोजी राव का निधन, 87 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

रामोजी फिल्म सिटी के संस्थापक और मीडिया मोगल रामोजी राव का निधन, 87 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

Anmol Shrestha जून 8 2024 19

रामोजी राव के निधन पर शोक की लहर

रामोजी फिल्म सिटी के संस्थापक और मीडिया मोगल रामोजी राव का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर ने मीडिया और मनोरंजन जगत में शोक की लहर पैदा कर दी है। रामोजी राव ने भारतीय मनोरंजन और मीडिया जगत में अपने प्रयासों से एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया।

रामोजी राव का निधन शनिवार को तड़के सुबह 3:45 बजे हुआ, जब वह हैदराबाद, तेलंगाना के स्टार अस्पताल में चिकित्सा देखभाल प्राप्त कर रहे थे। उनका निधन उनके परिवार और संगी-साथियों के लिए एक बड़ा धक्का है।

रामोजी राव का परिचय

रामोजी राव का जन्म 16 नवम्बर 1936 को पश्चिमी गोदावरी जिले में हुआ था। उन्होंने अपने जीवन की शुरुआत एक साधारण परिवार से की थी, लेकिन अपने अद्वितीय उद्यमिता कौशल और अविस्मरणीय नेतृत्व के कारण वह भारतीय मीडिया और मनोरंजन उद्योग में एक प्रमुख नाम बन गए।

रामोजी राव और रामोजी फिल्म सिटी

रामोजी राव ने वर्ष 1996 में विश्व की सबसे बड़ी फिल्म सिटी, रामोजी फिल्म सिटी, की स्थापना की। यह फिल्म सिटी 1666 एकड़ में फैली हुई है और इसका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है। इस फिल्म सिटी का उद्देश्य फिल्म निर्माण के लिए एक संपूर्ण पारिस्थिति प्रदान करना था, जिससे विभिन्न भाषाओं में फिल्मों का निर्माण किया जा सके।

ईटीवी नेटवर्क और अन्य उपक्रम

रामोजी राव ने केवल फिल्मों में ही नहीं, बल्कि मीडिया के अन्य क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने 'ईनाडु' नामक तेलुगु समाचार पत्र की स्थापना की, जो आज तेलुगु क्षेत्र का सबसे बड़े समाचार पत्रों में से एक है। इसके साथ ही उन्होंने ईटीवी नेटवर्क की भी स्थापना की, जो विभिन्न भाषाओं में टीवी चैनलों का संचालन करता है। उनके द्वारा स्थापित 'उषा किरण मूवीज' ने भी तेलुगु सिनेमा में कई महत्वपूर्ण फिल्मों का निर्माण किया।

भाजपा नेता ने दी श्रद्धांजलि

रामोजी राव के निधन पर वरिष्ठ भाजपा नेता जी किशन रेड्डी ने भी संवेदना प्रकट की। उन्होंने रामोजी राव के महत्वपूर्ण योगदानों की सराहना की और कहा कि उनका निधन भारतीय मीडिया और तेलुगु पत्रकारिता के लिए एक बड़ी क्षति है।

रामोजी राव के योगदान

रामोजी राव ने अपने जीवनकाल में अनेक पुरस्कार और सम्मान प्राप्त किए। उन्होंने अपने कार्य क्षेत्र में लगातार नवाचार किए और मीडिया में नए मानदंड स्थापित किए। उनके द्वारा स्थापित उपक्रमों ने न केवल भारत में बल्कि विश्वभर में भी अपनी पहचान बनाई।

महत्वपूर्ण पहलू

रामोजी राव का व्यापार कौशल और उनकी उद्यमिता की यात्रा कई लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत है। उनकी महत्वाकांक्षी दृष्टि ने न केवल तेलुगु सिनेमा और मीडिया को नई ऊचाईयों तक पहुँचाया, बल्कि भारतीय मीडिया के मानचित्र पर एक अहम निशान छोड़ा।

रामोजी राव का योगदान हमेशा याद किया जाएगा और मीडिया जगत में उनकी विरासत अमर रहेगी।

19 टिप्पणि

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    Sonu Kumar

    जून 10, 2024 AT 09:27
    रामोजी राव... एक ऐसा व्यक्ति जिसने फिल्म उद्योग को एक अलग ही स्तर पर पहुँचा दिया। उनकी दृष्टि ने केवल तेलुगु सिनेमा को ही नहीं, बल्कि पूरे भारतीय सिनेमा के लिए एक नया मानक तैयार किया। उनकी फिल्म सिटी... वो बस एक स्थान नहीं, एक सपना था।
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    Mahesh Goud

    जून 10, 2024 AT 19:51
    क्या आपको पता है कि रामोजी राव के पीछे किसी बड़े कॉर्पोरेट ग्रुप ने पैसे डाले थे? नहीं? तो मैं बताता हूँ... ये सब एक बड़ा धोखा है! उनकी फिल्म सिटी का निर्माण असल में एक सरकारी योजना के तहत हुआ था जिसे उन्होंने अपने नाम से छुपा लिया। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स भी उनके साथ साजिश कर रहे हैं। आप देखिएगा... अगले हफ्ते तक ये सब खुल जाएगा।
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    Shalini Dabhade

    जून 12, 2024 AT 13:31
    फिल्म सिटी? बस एक बड़ा बाजार है। असली कलाकार तो गाँवों में बनते हैं जहाँ लोग अपने हाथों से कहानियाँ बनाते हैं। ये सब बाजारी शोहरत है। और ये लोग फिर देश के नाम से नाम कमाते हैं।
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    Jothi Rajasekar

    जून 13, 2024 AT 23:42
    रामोजी राव जी की याद आती है तो दिल भर आता है। एक आम इंसान ने कैसे एक असाधारण सपना देखा और उसे सच कर दिया। उनकी मेहनत, उनकी लगन... ये सब हमें याद दिलाता है कि कोई भी अपनी जगह बना सकता है।
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    nidhi heda

    जून 15, 2024 AT 08:26
    मैंने तो उनकी फिल्म सिटी में एक बार फिल्म बनाई थी... वो दिन भूल नहीं पाऊँगा! जब मैंने उन्हें देखा तो वो मुझे गले लगा लिया! 😭❤️ वो बस एक आदमी नहीं थे... वो एक परिवार थे।
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    Arvind Singh Chauhan

    जून 17, 2024 AT 05:00
    रामोजी राव की विरासत बहुत बड़ी है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि उनके निर्माणों के पीछे कितने छोटे श्रमिकों की मेहनत छिपी है? उनके नाम कभी नहीं आते। एक व्यक्ति के शहर के पीछे हजारों अनजान लोग होते हैं।
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    dhawal agarwal

    जून 18, 2024 AT 11:06
    रामोजी राव जी ने न केवल फिल्में बनाईं, बल्कि एक संस्कृति बनाई। उन्होंने एक ऐसा वातावरण बनाया जहाँ कला को आजादी मिली। उनकी फिल्म सिटी एक जीवित पुस्तक है जिसमें हर कोने में एक कहानी छिपी है। उनका निधन हमारे लिए एक अधूरी कहानी का अंत है।
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    Jeyaprakash Gopalswamy

    जून 20, 2024 AT 06:20
    अगर आपको लगता है कि रामोजी राव जी बस एक फिल्म निर्माता थे, तो आप गलत हैं। वो एक शिक्षक थे। उन्होंने हजारों युवाओं को अपनी फिल्म सिटी में रास्ता दिखाया। मैं खुद एक उनके छात्र था। उनकी बातें आज भी मेरे कानों में गूंजती हैं।
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    AAMITESH BANERJEE

    जून 21, 2024 AT 19:23
    रामोजी राव की याद में एक बात जो हमेशा याद रखनी चाहिए... उन्होंने कभी अपने जन्म के बारे में नहीं बताया कि वो किस जाति से हैं, किस धर्म के हैं। उन्होंने बस एक बात कही - कला के लिए जीना। ये उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है।
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    Prasad Dhumane

    जून 22, 2024 AT 08:16
    उनकी फिल्म सिटी एक अद्भुत जगह है, लेकिन उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि ये है कि उन्होंने एक ऐसा वातावरण बनाया जहाँ एक गाँव का लड़का भी एक फिल्म के निर्देशक बन सकता है। वो एक बात कहते थे - 'कला कोई जन्मजात बात नहीं, बल्कि एक चुनाव है।'
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    DINESH BAJAJ

    जून 23, 2024 AT 07:28
    अरे ये सब बकवास है। उन्होंने क्या किया? बस एक बड़ा स्थान बनाया। असली कलाकार तो बॉलीवुड में हैं। ये तो बस एक बड़ा बाजार है।
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    Akul Saini

    जून 24, 2024 AT 13:32
    रामोजी राव के निधन के बाद अगर हम उनकी विरासत को बरकरार रखना चाहते हैं, तो हमें उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाना होगा। न कि उनके नाम के साथ एक मेमोरियल बनाकर उन्हें शहीद बना देना। उन्होंने तो सिर्फ बनाना चाहा - नहीं बस याद करना।
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    sunil kumar

    जून 26, 2024 AT 09:24
    रामोजी राव के जीवन के आधार पर एक शोध पत्र लिखने का निर्णय लिया गया है। उनके व्यापारिक निर्णयों, उनके निर्माण विधि और उनके सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण किया जा रहा है। उनकी फिल्म सिटी का अर्थशास्त्रीय महत्व अभी तक पूरी तरह से समझा नहीं गया है।
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    rajesh gorai

    जून 26, 2024 AT 11:30
    ये सब फिल्म सिटी का एक बहुत बड़ा न्यूरोलॉजिकल इम्पैक्ट है। एक व्यक्ति के द्वारा एक ऐसा स्पेस बनाना जहाँ कला की एनर्जी कंस्ट्रक्ट होती है... ये तो एक ब्रेन-मैपिंग रेवोल्यूशन है। उन्होंने न्यूरोकलचर को रिडिफाइन कर दिया।
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    Rampravesh Singh

    जून 27, 2024 AT 02:44
    रामोजी राव जी के निधन के अवसर पर, हम उनके अद्वितीय नेतृत्व के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उनके द्वारा विकसित किए गए उद्यमों ने भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में अमूल्य योगदान दिया है।
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    ajinkya Ingulkar

    जून 27, 2024 AT 22:22
    ये सब बकवास है। उन्होंने तो बस एक बड़ा स्थान बनाया। लेकिन उन्होंने कभी गरीबों के लिए कुछ नहीं किया। उनकी फिल्म सिटी में कितने श्रमिकों को मिला? बस दिखावा। असली नेता वो होते हैं जो गरीबों के लिए लड़ते हैं।
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    Irigi Arun kumar

    जून 29, 2024 AT 21:48
    मैंने उन्हें एक बार अपने घर पर बुलाया था - एक छोटी सी बात थी, उन्होंने दो घंटे बिताए। उन्होंने मुझे बताया कि एक फिल्म का असली अर्थ वो नहीं होता जो कैमरे के सामने दिखता है... बल्कि वो होता है जो दर्शक के दिल में बच जाता है। मैंने उस दिन एक नया इंसान बन गया।
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    Ravi Roopchandsingh

    जुलाई 1, 2024 AT 00:57
    ये सब एक बड़ा धोखा है। रामोजी राव ने तो बस एक फिल्म सिटी बनाई। लेकिन वो जो लोग उनके नाम से फिल्म बनाते हैं... वो सब चुपचाप बॉलीवुड के लोगों को बर्बाद कर रहे हैं। ये तो एक राजनीतिक षड्यंत्र है। 🤫💣
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    Rohit Raina

    जुलाई 2, 2024 AT 12:08
    क्या आपने कभी सोचा कि अगर रामोजी राव जी ने फिल्म सिटी नहीं बनाई होती, तो आज तेलुगु सिनेमा कहाँ होता? वो एक आदमी थे जिन्होंने एक भाषा को दुनिया के सामने खड़ा किया।

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