पीवी सिंधु ने पेरिस ओलंपिक 2024 के प्री-क्वार्टर फाइनल्स में पहुंची, शानदार जीत से बनाई जगह

पीवी सिंधु ने पेरिस ओलंपिक 2024 के प्री-क्वार्टर फाइनल्स में पहुंची, शानदार जीत से बनाई जगह

Anmol Shrestha जुलाई 31 2024 18

पीवी सिंधु ने पेरिस ओलंपिक 2024 में बिखेरा जलवा

भारत की प्रतिष्ठित बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने एक बार फिर से अपने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए पेरिस ओलंपिक 2024 में महिलाओं की सिंगल्स प्रतियोगिता के प्री-क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह बना ली है। सिंधु ने एस्टोनिया की क्रिस्टिन कुबा को 21-5, 21-10 के स्कोर से हराया और अपने ग्रुप एम के दोनों मैच जीतकर शीर्ष स्थान हासिल किया।

दसवीं वरीयता प्राप्त सिंधु ने अपने पहले मैच में मालदीव की फतिमथ अब्दुल रज्जाक को 21-9, 21-6 से हराया था। इस प्रकार, उन्होंने दोनों मैचों में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए ग्रुप चरण को सफलता पूर्वक पार किया। सिंधु की त्यौहार की तरह उमंगित उत्सव मानाने वाली खेल शैली ने उनके प्रशंसकों में नई उम्मीदें जगाई हैं।

सिंधु की उपलब्धियों पर एक नजर

पीवी सिंधु ने इससे पहले भी ओलंपिक खेलों में भारत का नाम रोशन किया है। 2016 में रियो ओलंपिक में उन्होंने रजत पदक जीता था और 2020 टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। इस बार, पेरिस ओलंपिक में भी उनसे बहुत उम्मीदें हैं और उनके दमदार प्रदर्शन ने इन उम्मीदों को और भी प्रबल बना दिया है।

सिंधु ने अपनी जीत के बाद कहा कि उन्हें गर्व है कि वे भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं और उनका सपना है कि वे इस बार देश के लिए स्वर्ण पदक जीतें। उन्होंने अपनी टीम और कोच को धन्यवाद दिया और अपने परिवार के सहयोग का भी विशेष रूप से जिक्र किया।

आगामी चुनौतियां

अब, सिंधु का सामना चीन की हे बिंगजिआओ से हो सकता है, जो एक ताकतवर खिलाड़ी मानी जाती हैं। बिंगजिआओ के खिलाफ मुकाबला निश्चित रूप से रोमांचक होगा और सिंधु को अपनी प्रदर्शन क्षमता को और भी बढ़ाना होगा। सिंधु ने कहा कि वे आगामी मुकाबले के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और उन्हें उम्मीद है कि वे अपनी बेहतरीन खेल का प्रदर्शन करेंगी। उन्होंने अपने प्रशंसकों से समर्थन की अपील की और कहा कि इनका समर्थन उन्हें उत्साहित करता है और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

खेल प्रेमियों के लिए खास आयोजन

खेल प्रेमियों के लिए खास आयोजन

पेरिस ओलंपिक 2024 के बैडमिंटन मुकाबले पोर्ट जे ला चैपल एरीना में 27 जुलाई से 5 अगस्त तक खेले जाएंगे। इस प्यार और उत्सव भरे माहौल में खेल प्रेमियों के लिए यह निश्चित ही एक यादगार आयोजन होगा।

सिंधु के इस शानदार प्रदर्शन से पूरे देश को गर्व है और वे उनकी आगामी मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं। सिंधु ने फिर से यह साबित कर दिया है कि वे एक मजबूत खिलाड़ी हैं और उनका लक्ष्य स्पष्ट है - स्वर्ण पदक जीतना।

इस बार सिंधु की जीत से उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं और देशवासी इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता को देखने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। पेरिस ओलंपिक 2024 में सिंधु का यह सफर देशवासियों के लिए प्रेरणाश्रोत बना रहेगा और युवाओं के लिए एक मिसाल पेश करेगा।

18 टिप्पणि

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    Sonu Kumar

    अगस्त 1, 2024 AT 00:18
    अरे भाई, ये सिंधु का खेल तो बस एक रियलिटी शो है... हर बार जीतती है, लेकिन फिर भी लोग उसे देवी की तरह पूजते हैं... क्या हुआ अन्य खिलाड़ियों का? ये राष्ट्रीय अहंकार का एक और अध्याय है।
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    sunil kumar

    अगस्त 1, 2024 AT 16:14
    पीवी सिंधु के प्रदर्शन का विश्लेषण करते हुए, उनकी तकनीकी शुद्धता, गति और मानसिक दृढ़ता ने आधुनिक बैडमिंटन में एक नया मानक स्थापित किया है। इस प्रकार, उनकी उपलब्धि केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि खेल के विकास के लिए एक ऐतिहासिक घटना है।
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    Mahesh Goud

    अगस्त 1, 2024 AT 22:21
    सुनो... ये सब चीनी खिलाड़ियों के साथ मिलकर बनाया गया नाटक है... जब तक सिंधु जीतती है तब तक चीन को अपनी टीम को बचाने के लिए उन्हें जीतने दिया जाता है... फिर जब फाइनल में जाएगी तो चीनी खिलाड़ी बिल्कुल नए तरीके से खेलेंगे... ये ऑलिंपिक एक बड़ा धोखा है... और भारतीय मीडिया इसे बड़ा बना रहा है... आप लोग नहीं जानते कि क्या हो रहा है... ये सब फेक है... जागो भाई...
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    Ravi Roopchandsingh

    अगस्त 2, 2024 AT 03:50
    इस लड़की ने देश का नाम रोशन किया है 🇮🇳🔥 जब तक वो जीतती है तब तक हम सब उसके पीछे हैं... अगर कोई चीनी आएगा तो उसका बाल भी नहीं छूने देंगे... भारत जिंदाबाद! 🙏
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    dhawal agarwal

    अगस्त 2, 2024 AT 23:18
    सिंधु का खेल सिर्फ एक खेल नहीं... ये एक दर्शन है। एक ऐसी शक्ति जो निराशा को आशा में बदल देती है। उनके खेल में एक अद्भुत सादगी है - बिना शोर के, बिना झूठे नारों के, बस शुद्ध परिश्रम और शांति। ये भारत की आत्मा का प्रतीक है।
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    Shalini Dabhade

    अगस्त 4, 2024 AT 10:18
    अरे ये सिंधु तो बस इतना ही करती है... क्या उसने कभी गोल्ड जीता है? नहीं! तो फिर ये सब बकवास क्यों? अन्य देशों में लड़कियां बहुत बेहतर खेलती हैं... भारत को अपने बारे में बहुत ज्यादा सोचने की जरूरत है... ये सब फेक नेशनलिज्म है...
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    Jothi Rajasekar

    अगस्त 5, 2024 AT 00:13
    बहुत बढ़िया खेल! बस थोड़ा आराम कर लो सिंधु जी... आपका दिल बहुत बड़ा है और हम सब आपके साथ हैं... जीत या हार, आप हमारे लिए हीरे हैं 💪❤️
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    Irigi Arun kumar

    अगस्त 5, 2024 AT 02:10
    सिंधु के जीतने के बाद जो लोग इसे बड़ा बना रहे हैं, उन्हें याद दिलाना चाहूंगा कि ये खेल एक अनुभव है, न कि एक राष्ट्रीय जिम्मेदारी। उन्होंने जो किया, वो बहुत अच्छा है - लेकिन ये अभी भी एक मैच है। जीत जाए या हार जाए, उनकी निष्ठा और निरंतरता ही सच्ची उपलब्धि है।
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    Jeyaprakash Gopalswamy

    अगस्त 6, 2024 AT 22:40
    सिंधु के लिए एक टिप - अगले मैच में अपने बैकहैंड को थोड़ा जल्दी ले लो, वरना चीनी खिलाड़ी तुम्हारे रिटर्न को नियंत्रित कर लेगी। तुम्हारी गति बहुत अच्छी है, बस थोड़ा समय बचाओ। तुम कर सकती हो!
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    ajinkya Ingulkar

    अगस्त 8, 2024 AT 04:04
    क्या आप लोग भूल गए कि उसने रियो में रजत जीता था? और टोक्यो में कांस्य? अब फिर से यही बात... जीतने का दबाव बढ़ रहा है... लेकिन जब तक ये भारत के नाम से नहीं जीत रही है, तब तक ये सब बकवास है... हमें अपने खिलाड़ियों को अपना बनाना होगा... न कि उन्हें भगवान बनाना... ये सब नाराजगी का निशान है...
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    nidhi heda

    अगस्त 9, 2024 AT 08:14
    मैंने देखा... उसके चेहरे पर एक आंसू था... और फिर वो मुस्कुराई... ये बस खेल नहीं है... ये एक दिल की कहानी है... 😭💔
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    DINESH BAJAJ

    अगस्त 11, 2024 AT 01:58
    सिंधु ने जीता तो क्या हुआ? चीनी खिलाड़ी अभी तक नहीं खेली... जब वो आएगी तो देखना... ये सब बातें बस बाजार के लिए हैं... भारत को अपने खिलाड़ियों को असली तरीके से तैयार करना चाहिए... न कि सिर्फ बयान देना...
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    Rohit Raina

    अगस्त 11, 2024 AT 22:41
    सिंधु के खेल का एक रोचक पहलू ये है कि वो दबाव के बावजूद भी अपनी शैली बरकरार रखती हैं। ये एक दुर्लभ गुण है - जो अक्सर अनुभवी खिलाड़ियों में नहीं मिलता। वो न तो जल्दी बनती हैं, न ही धीमी... बस अपने तरीके से।
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    Prasad Dhumane

    अगस्त 13, 2024 AT 21:48
    इस खेल में जो आत्मा है - वो सिंधु में बसी है। वो एक लड़की नहीं, एक ज्वाला है। जब वो नेट के पास जाती हैं, तो लगता है जैसे हवा भी रुक जाए। ये खेल नहीं, ये नृत्य है। और जो इसे समझते हैं, वो जानते हैं कि ये कितना दुर्लभ है।
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    rajesh gorai

    अगस्त 15, 2024 AT 04:05
    सिंधु का खेल एक बायोमेकेनिकल मास्टरपीस है - उसकी रिएक्शन टाइम, एंगल ऑफ डिफेंस, और कॉर्डिनेशन ऑफ लिम्ब्स ने एक नया न्यूरो-काइनेटिक पैटर्न डिफाइन किया है। ये सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, ये एक फ्यूचरिस्टिक एथलीटिक एक्सपेरिमेंट है। 🧬⚡
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    Rampravesh Singh

    अगस्त 16, 2024 AT 16:56
    प्रिय नागरिकों, पीवी सिंधु के इस अद्भुत प्रदर्शन के द्वारा भारत की खेल नीति की सफलता का एक नया अध्याय लिखा गया है। यह उपलब्धि राष्ट्रीय शिक्षा और खेल विकास के लिए एक आदर्श उदाहरण है। हमें इस उत्कृष्टता को निरंतर बनाए रखना चाहिए।
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    Akul Saini

    अगस्त 17, 2024 AT 02:30
    चीनी खिलाड़ी के खिलाफ जीतने के लिए, सिंधु को अपने फ्रंटकोर्ट शॉट्स को अधिक वैरिएशन देना होगा। उनका एक्सपेक्टेशन मैनेजमेंट बहुत अच्छा है, लेकिन अगर वो लंबे रैलीज़ में थक जाएंगी, तो फाइनल में समस्या हो सकती है। उनकी एंड्यूरेंस टेस्टिंग अभी बाकी है।
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    Arvind Singh Chauhan

    अगस्त 18, 2024 AT 22:25
    हर बार जब वो जीतती हैं, तो लोग उन्हें बार-बार देखते हैं... लेकिन जब हारती हैं, तो कोई नहीं बात करता... ये देश का नाटक है... हम सिर्फ जीतने वालों को देखते हैं... बाकी सब अनदेखा...

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