WTC अंक तालिका: भारत की जीत से नहीं मिली शीर्ष‑2 जगह, ऑस्ट्रेलिया बना अडिग

WTC अंक तालिका: भारत की जीत से नहीं मिली शीर्ष‑2 जगह, ऑस्ट्रेलिया बना अडिग

Anmol Shrestha अक्तूबर 5 2025 11

जब भारत क्रिकेट टीम ने वेस्ट इंडीज के खिलाफ जीत दर्ज की, तो उम्मीद थी कि वे World Test Championship 2025-27 की शीर्ष‑2 जगहों के करीब पहुँचेंगे – पर आँकड़े कुछ और ही कह रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया की पूरी श्रृंखला जीत के साथ अडिग 100% अंक प्रतिशत ने उन्हें तालिका की चोटी पर बना दिया, जबकि भारत अभी भी तीसरे स्थान पर 55.56% प्रतिशत के साथ फँसा हुआ है।

वर्तमान अंक तालिका का सारांश

दिसंबर 2025 के अंत तक ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम ने तीन टेस्ट श्रृंखलाओं में सभी मिलाकर 36 अंक जुटाए – यानी हर मैच में 12 अंक की पूर्ण दर। इसके बाद श्रीलंका क्रिकेट टीम ने दो श्रृंखलाओं में 16 अंक, 66.67% प्रतिशत के साथ दूसरा स्थान सुरक्षित किया। भारत के 40 अंक (तीन जीत, दो हार, एक ड्रॉ) 55.56% पर हैं, जबकि इंग्लैंड (26 अंक, 43.33%) चारथे स्थान पर है। बांग्लादेश और वेस्ट इंडीज क्रमशः 4 और 0 अंक ले कर तालिका के निचले हिस्से में हैं।

ऑस्ट्रेलिया की निरंतर जीत

ऑस्ट्रेलिया ने भारत, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ क्रमशः 1‑1‑0, 2‑0‑0 और 0‑0‑1 परिणामों के साथ अपनी वैरायटी दिखा दी। टीम के मैस्मेस डेविस ने पहले टेस्ट में 8 विकेट लिए, जिससे उनका 12‑अंक‑हर‑मैच का रिकॉर्ड कायम रहा। कोच जैक हाउ का कहना है, “हमारी रणनीति ‘साइलेंट स्ट्राइकर’ पर आधारित है – कम जोखिम, ज्यादा दबाव।” इस रणनीति ने टीम को लगातार पॉइंट्स जमा करने में मदद की।

भारत की स्थिति और चुनौतियां

भारत ने वेस्ट इंडीज (2‑0‑0) और न्यूज़ीलैंड (0‑1‑1) के खिलाफ जीत हासिल की, पर लंदन में इंग्लैंड (1‑1‑0) और बांग्लादेश (0‑1‑0) के खिलाफ हार ने उनका प्रतिशत घटा दिया। टीम के मुख्य खिलाड़ी रजत शर्मा ने हालिया ड्रॉ में 105 रन बनाकर मैन‑ऑफ‑द‑मैच बने, पर “हमारी बैटिंग लाइन‑अप को लगातार स्थिरता चाहिए,” सुनिल गुप्ता, पूर्व BCCI अध्यक्ष ने बताया।

  • कुल मैच: 6
  • जीते: 3 (36 अंक)
  • हारे: 2 (0 अंक)
  • ड्रॉ: 1 (4 अंक)
  • कुल अंक प्रतिशत: 55.56%

बताया जा रहा है कि आगे के दो घरेलू श्रृंखलाओं (भारत बनाम साउथ अफ्रीका, भारत बनाम पाकिस्तान) में यदि भारत 100% जीत हासिल कर लेता है, तो उनका प्रतिशत 71.43% तक बढ़ सकता है – बिल्कुल श्रीलंका के करीब। लेकिन यह तभी संभव है जब मौजूदा प्रतिद्वंद्वी अपनी जीतियों की लकीर नहीं तोड़ें।

स्लोअन्य देशों की संघर्ष

स्लोअन्य देशों की संघर्ष

श्रीलंका के 66.67% अंक प्रतिशत को अक्सर “कम मैच, ज्यादा अंक” की लड़ाई कहा जाता है। दो श्रृंखलाओं में एक जीत और एक ड्रॉ ने उन्हें बहुत ही स्थिर स्थिति दिला दी। बांग्लादेश ने अभी तक कोई जीत नहीं की, पर उनका अगला टूर पड़ोसी नेपाल के खिलाफ है, जहाँ घर में जीत की संभावना उनसे जुड़ी है। उधर वेस्ट इंडीज ने चार लगातार हार के बाद प्रबंधन में बदलाव किया, नए कोच कर्नल रॉबर्टो मार्टिनेज़ के आने से उम्मीदें नई हुईं।

आने वाला फाइनल और संभावित परिदृश्य

जून 2027 में लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाला फाइनल दो टीमों के बीच ही होगा – वह भी केवल शीर्ष‑2 प्रतिशत वाले दलों के बीच। अगर ऑस्ट्रेलिया अपनी निरंतरता बनाए रखता है, तो वह फाइनल में पहुँच जाएगा, पर दूसरा स्थान किसके पास जाएगा, यह अभी अनिश्चित है। संभावित परिदृश्य:

  1. ऑस्ट्रेलिया + श्रीलंका (वर्तमान सिचुएशन)
  2. ऑस्ट्रेलिया + भारत (यदि भारत 2 रन‑ऑफ़ जीत ले)
  3. ऑस्ट्रेलिया + इंग्लैंड (यदि इंग्लैंड अगले दो श्रृंखलाओं में सभी जीत ले)

इसलिए हर आगामी टेस्ट मैच अब केवल “एक और गेम” नहीं, बल्कि “फाइनल की दिशा में कदम” बन चुका है। दर्शकों की उम्मीदें, प्रेतक खिलाड़ी की करियर, और स्पॉन्सरशिप के बड़े‑बड़े सौदे सभी इस एक बिंदु पर टकरा रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत को शीर्ष‑2 में पहुँचने के लिए कितना प्रतिशत चाहिए?

वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया का प्रतिशत 100% और श्रीलंका का 66.67% है। भारत को कम से कम 71.43% तक पहुँचना होगा, जिससे वह श्रीलंका को पीछे छोड़ सके। यह लक्ष्य दो श्रृंखलाओं में 100% जीत से ही संभव है।

World Test Championship के अंक नियम क्या हैं?

प्रत्येक जीत पर 12 अंक, ड्रॉ पर 4 अंक, टाई पर 6 अंक और हार पर 0 अंक मिलते हैं। टीमों को छह श्रृंखलाओं (तीन घर और तीन बाहर) खेलनी पड़ती हैं, और उनकी रैंकिंग कुल संभावित अंकों के प्रतिशत पर निर्भर करती है।

लॉर्ड्स में फाइनल क्यों आयोजित किया जाएगा?

लॉर्ड्स को टेस्ट क्रिकेट का पवित्र मंदिर माना जाता है। ICC ने 2027 के फाइनल के लिए इसे चुना क्योंकि यहाँ का इतिहास, सुविधाएँ और वैश्विक दर्शकसमूह इसे आदर्श बनाते हैं।

वेस्ट इंडीज क्यों तालिका के नीचे हैं?

वेस्ट इंडीज ने इस चक्र में चार लगातार हारें दर्ज की हैं, जिससे उनका अंक प्रतिशत 0% रहा। अब तक कोई ड्रॉ या जीत नहीं हुई, जिससे वे तालिका के सबसे नीचे फंसे हुए हैं।

अगली टी-20 दुनिया में WTC से कैसे अलग है?

टी-20 विश्व कप एक ही‑टू‑टुर्नामेंट है जहाँ टीमें सीधे पॉइंट्स जमा करती हैं, जबकि WTC में प्रत्येक टेस्ट श्रृंखला के लिए अलग‑अलग अंक मिलते हैं और प्रतिशत के आधार पर रैंकिंग तय होती है। दोनों फॉर्मेट में फाइनल की जगह सीमित है, पर नियम व व्यावहारिकता में काफी अंतर है।

11 टिप्पणि

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    rin amr

    अक्तूबर 5, 2025 AT 17:38

    वेस्ट इंडीज के खिलाफ जीत के बाद भारत की स्थिति देख कर लगता है कि टीम को अभी भी स्थिरता की जरूरत है। हर जीत का मनोबल बढ़ाता है, पर लगातार हारें टॉप‑2 स्कोर को ढीला कर देती हैं। कोचिंग स्टाफ को रणनीति में अधिक लचीलापन लाना चाहिए, ताकि विविध पिचों पर सफलता मिल सके। बॉलर्स को आगे की लाइनों में अधिक कंट्रोल दिखाना पड़ेगा, तभी पिच‑डिफेन्ड मैच में अंक बढ़ेंगे। अंत में, पिछली श्रृंखलाओं से सीखे गए पाठ को आगे लागू करना ही हमें शीर्ष पर ले जाएगा।

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    Jai Bhole

    अक्तूबर 14, 2025 AT 04:45

    yeh toh sab jaante hai ki india ko hamesha aage rehna chahiye, lekin jab tak hum consistent jeet nahi lete tab tak koi bhi jagah top‑2 nahi mil sakti. hamare players ko desh ke liye pura dil se khelna hoga, tabhi wtc ke points aayenge. #proud

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    rama cs

    अक्तूबर 22, 2025 AT 15:53

    समकालीन परीक्षणों में, भारतीय टीम का 'स्ट्रेटेजिक ऑपरेशनल फ्रेमवर्क' अभी भी अधूरा प्रतीत होता है, जिससे उनका 'इप्सॉन्डिक फ़ॉर्मेशन' अस्थिर रहता है। इस परिप्रेक्ष्य में, हम देख सकते हैं कि 'टेस्ट डिनामिक्स' को पुन:निर्धारित करने हेतु 'स्पिन बॉल की एंटीटेक्टिक्स' को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

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    Monika Kühn

    अक्तूबर 31, 2025 AT 02:01

    अरे वाह, ऑस्ट्रेलिया ने फिर से 100% दिया, क्या आश्चर्य!

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    Surya Prakash

    नवंबर 8, 2025 AT 13:09

    भारत को अब ऊर्जा व दिशा दोनों चाहिए।

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    Sandeep KNS

    नवंबर 17, 2025 AT 00:17

    उपरोक्त बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए, यह स्पष्ट है कि केवल सतही सुधार पर्याप्त नहीं हैं; वास्तविक परिवर्तन हेतु प्रणालीगत पुनर्मूल्यांकन आवश्यक होगा।

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    Mayur Sutar

    नवंबर 25, 2025 AT 11:25

    भाइयों, हमें इस स्थिति में निराश नहीं होना चाहिए। हर टेस्ट में सीखने के कई पहलू होते हैं-चाहे वह बॉलिंग हो या बैटिंग। छोटे‑छोटे सुधारों को मिलाकर बड़ी प्रगति सम्भव है। चलिए, सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते हैं।

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    gaganpreet singh

    दिसंबर 3, 2025 AT 22:33

    ऑस्ट्रेलिया की निरंतर जीत एक सटीक रणनीति का परिणाम है, जिसका मूल सिद्धांत है जोखिम को न्यूनतम रखना और लगातार दबाव बनाते रहना। पहले टेस्ट में मैस्मेस डेविस की 8 विकेट ने टीम को एक निर्णायक किनारा दिया। उनकी तेज़ स्पिन और स्विंग ने विरोधी टीम को असहज किया। इसके अलावा, जैक हाउ की कोचिंग ने फ़ील्ड सेटअप को अत्यधिक प्रभावी बनाया। प्रत्येक फ़ील्डर की भूमिका स्पष्ट थी और वे उस योजना के अनुरूप चल रहे थे। दूसरी ओर, भारत की बैटिंग लाइन‑अप में निरंतरता का अभाव स्पष्ट है। रजत शर्मा का व्यक्तिगत प्रदर्शन बहुत सराहनीय है, लेकिन टीम समग्र रूप से अस्थिर दिखती है। इस अस्थिरता का कारण अक्सर मध्य क्रम में डिप्रेशन और टैक्टिकल लापरवाही है। नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुभव नहीं होने के कारण दबाव सहन करने में कठिनाई होती है। इसके समाधान के लिए, भारतीय टीम को सख्त फिटनेस प्रोटोकॉल और मानसिक मजबूती पर काम करना चाहिए। निरंतर ड्रॉ और हार की श्रृंखला ने टीम के आत्मविश्वास को घटाया है। जबकि ऑस्ट्रेलिया ने हर मैच में अपने टॉस advantage को सही तरीके से इस्तेमाल किया। उन्होंने बॉलिंग में विविधता लाते हुए स्पिन और पेस दोनों का संतुलन बनाए रखा। परिणामस्वरूप, वे लगातार 12‑अंक‑हर‑मैच की दर पर बने रहे। यह प्रतिबिंबित करता है कि कैसे एक सुसंगत खेल योजना टीम को शीर्ष पर ले जा सकती है। भारत को भी इसी तरह की रणनीति बनानी चाहिए, जिसमें समग्र विश्लेषण और लगातार सुधार पर बल दिया जाए।

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    Urmil Pathak

    दिसंबर 12, 2025 AT 09:40

    भारत के अंक प्रतिशत को बढ़ाने के लिए आगामी श्रृंखला में निरंतर जीत आवश्यक है।

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    Neha Godambe

    दिसंबर 20, 2025 AT 20:48

    सम्पूर्ण रूप से देखा जाए तो ऑस्ट्रेलिया का मॉडल प्रतिभा और अनुशासन का मिश्रण है; हमें भी इसी दिशा में प्रगति करनी चाहिए, तभी हम शीर्ष‑2 में अपनी जगह पक्का कर सकेंगे।

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    rupesh kantaria

    दिसंबर 29, 2025 AT 07:56

    विषय संबंधी विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि प्रत्येक टेस्ट श्रृंखला का महत्त्व केवल अंक ही नहीं, बल्कि बल्लेबाज़ी तथा बॉलिंग के सामर्थ्य को परखने की प्रक्रिया भी है।

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